जमशेदपुर में भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पत्थरबाजी में कई घायल

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जमशेदपुर, 12 अक्टूबर 2026। झारखंड के जमशेदपुर में सोमवार को बिष्टुपुर स्थित कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़प हो गई। देखते ही देखते नारेबाजी ने हिंसक रूप ले लिया और लाठी चलने तथा पत्थरबाजी की घटना सामने आई। इस दौरान दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ताओं के घायल होने की खबर है।

 

जेएनयू प्रकरण को लेकर भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन

 

जानकारी के अनुसार, भाजपा महिला मोर्चा, जमशेदपुर महानगर की ओर से जेएनयू से जुड़ी छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारी मणिपुर से कांग्रेस सांसद एवं जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

भाजपा कार्यकर्ता बिष्टुपुर के जी टाउन क्लब मैदान से मार्च करते हुए कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय पहुंचे। वहां दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी और कहासुनी शुरू हो गई। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई और झड़प तथा पत्थरबाजी होने लगी।

 

भाजपा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लगाया पत्थरबाजी का आरोप

 

भाजपा नेताओं का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी की, जिसमें महिला कार्यकर्ताओं और अन्य नेताओं को चोटें आईं। भाजपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

भाजपा की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि घटना के समय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी है कि महिलाओं के सम्मान और कथित उत्पीड़न के मुद्दे पर उनका आंदोलन जारी रहेगा तथा आगे भी विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।

 

कांग्रेस ने भी भाजपा पर लगाए आरोप

 

दूसरी ओर, कांग्रेस पक्ष ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी शुरू करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि भाजपा कार्यकर्ता अपने साथ पत्थर लेकर आए थे। इस तरह दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

 

फिलहाल उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों से यह स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पत्थरबाजी की शुरुआत किस पक्ष ने की थी। इसलिए घटना की जिम्मेदारी तय करने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

 

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी, कार्रवाई का आश्वासन

 

घटना के बाद पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई। सिटी एसपी और धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और पत्थरबाजी में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।

 

इस घटना ने राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।

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