काठमांडू/रसुवा: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच एक 6 साल की बच्ची को करीब 60 घंटे तक मलबे और कीचड़ के नीचे दबे रहने के बाद जिंदा बचा लिया गया। बच्ची की पहचान मनीषा के रूप में हुई है। यह घटना रसुवा जिले के टिमुरे इलाके की है।
रेस्क्यू अभियान के दौरान नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF) की टीम को मलबे के नीचे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। टीम ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर बच्ची को बाहर निकाला। रिपोर्टों के मुताबिक उसके शरीर का अधिकांश हिस्सा मिट्टी में दबा था, जबकि एक लकड़ी की संरचना ने उसके सिर को पूरी तरह दबने से बचा लिया था।
रेस्क्यू के बाद बच्ची को प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में सेना के हेलिकॉप्टर से बेहतर इलाज के लिए काठमांडू ले जाया गया। उसकी हालत पर डॉक्टर निगरानी रख रहे हैं।
माता-पिता भी मिले
शुरुआती रिपोर्टों में बच्ची के माता-पिता के बारे में जानकारी नहीं थी। बाद में नेपाल की APF ने बताया कि मनीषा के माता-पिता भी जीवित मिले हैं और उनका इलाज चल रहा है।
यह रेस्क्यू नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच उम्मीद की एक बड़ी किरण बनकर सामने आया है।










