झारखंड विधानसभा घेराव: बैरिकेडिंग तोड़ विधानसभा के करीब पहुंचे छात्र, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले और चलाया लाठीचार्ज।

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रांची, 10 अगस्त 2026: झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन सोमवार को बेहद तनावपूर्ण हो गया। आंदोलन के 17वें दिन हजारों छात्र-छात्राओं ने राजधानी रांची में विधानसभा घेराव मार्च निकाला। छात्रों ने कई जगहों पर पुलिस की बैरिकेडिंग को पार किया और विधानसभा परिसर की ओर बढ़ने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।

सुबह से जुटने लगे थे हजारों छात्र

 

सोमवार सुबह छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और पुराने विधानसभा परिसर, धुर्वा के आसपास जुटने लगे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तिरंगा, पोस्टर और मांगों से जुड़े बैनर थे। छात्र नेताओं ने पहले से ही मार्च को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से निकालने की अपील की थी। करीब 10:30 से 11 बजे के बीच विधानसभा मार्च शुरू हुआ।

 

प्रशासन ने विधानसभा की सुरक्षा को देखते हुए बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की तैनाती की थी। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 1,500 सुरक्षाकर्मी—RAF, IRB, जिला पुलिस और QRT के जवान—तैनात किए गए थे। विधानसभा के आसपास निषेधाज्ञा लागू थी और कई जगहों पर बैरिकेडिंग तथा कंटीले तार लगाए गए थे।

छात्रों ने खोली बैरिकेडिंग

 

मार्च जैसे-जैसे विधानसभा की ओर बढ़ा, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ने लगा। दोपहर से पहले प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड खोल दिए और आगे बढ़ गए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा के नजदीक पहुंच गए।

 

पुलिस के मुताबिक कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया गया। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया।

आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल

 

विधानसभा की ओर बढ़ती भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद लाठीचार्ज की भी खबर सामने आई। घटनास्थल पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच तनाव और बढ़ गया।

 

बाद के अपडेट में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प तथा पथराव की भी खबर सामने आई। टाइम्स ऑफ इंडिया के लाइव अपडेट के अनुसार शाम करीब 7:57 बजे तक चार पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना थी और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए दोबारा लाठीचार्ज किया।

देवेंद्र नाथ महतो भी पहुंचे मार्च में

 

छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो भी विधानसभा घेराव मार्च में शामिल हुए। वह पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे और स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद एंबुलेंस से मार्च स्थल तक पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने स्ट्रेचर/पालकी के जरिए आगे बढ़कर छात्रों के साथ आंदोलन में हिस्सा लिया।

 

उन्होंने छात्रों से संयम बनाए रखने की अपील भी की और सरकार से उनकी मांगें स्वीकार करने की मांग दोहराई।

आंदोलन की सबसे बड़ी मांग क्या है?

 

छात्रों का मुख्य आरोप है कि झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं हुई हैं और पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में:

 

– कथित परीक्षा अनियमितताओं की CBI जांच

– विवादित भर्ती परीक्षाओं को रद्द करना

– JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग

– भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता

– दोषियों के खिलाफ कार्रवाई

– भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष एवं सुरक्षित तरीके से आयोजित करना

 

शामिल हैं।

 

सरकार और छात्रों के बीच बातचीत क्यों नहीं बनी?

 

आंदोलन के दौरान सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। रविवार को हुई छठे दौर की वार्ता भी निर्णायक समाधान तक नहीं पहुंच सकी।

 

सरकार का कहना है कि उसने छात्रों की लगभग 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली हैं। सरकार ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने, CID और ED जांच तथा फास्ट-ट्रैक कोर्ट जैसी कार्रवाई का भरोसा दिया है।

 

लेकिन छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी सबसे महत्वपूर्ण मांग—CBI जांच और JSSC-CGL सहित विवादित परीक्षाओं को लेकर स्पष्ट कार्रवाई—पर सरकार तैयार नहीं है। इसी वजह से छात्रों ने विधानसभा घेराव का फैसला कायम रखा।

 

JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा

 

आंदोलन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। सरकार ने कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच के लिए CID और ED जांच की दिशा में भी कदम उठाए हैं।

 

पूर्व JPSC चेयरमैन गिरफ्तार

 

आज के घटनाक्रम में एक और बड़ा अपडेट सामने आया। झारखंड CID ने पूर्व JPSC चेयरमैन एल. खियांग्ते (L Khiangte) को कथित भर्ती अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों के मुताबिक उनका नाम 14वीं सिविल सेवा परीक्षा के लिए कथित रूप से ब्लैकलिस्टेड कंपनी TDPL के पैनल में शामिल किए जाने से जुड़े मामले में सामने आया था।

 

इस गिरफ्तारी को छात्र आंदोलन के बीच महत्वपूर्ण कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

 

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

 

छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक गतिविधियां भी तेज रहीं। बीजेपी नेताओं ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार पर निशाना साधा। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष आदित्य साहू समेत बीजेपी नेताओं को मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबर है।

 

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी छात्रों पर बल प्रयोग को गलत बताते हुए सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों की बात सुनकर तत्काल समाधान निकालने की अपील की।

 

विधानसभा के आसपास सुरक्षा बेहद कड़ी

 

विधानसभा सत्र के दौरान छात्रों के घेराव को देखते हुए प्रशासन ने विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी थी। विधानसभा के आसपास 750 मीटर के दायरे में प्रतिबंध लगाए गए थे और कई स्थानों पर कंटीले तार तथा बैरिकेडिंग की गई थी। रांची में कई स्कूल भी बंद रखे गए।

 

शाम तक तनाव बरकरार

 

सुबह शांतिपूर्ण मार्च की अपील के साथ शुरू हुआ आंदोलन दोपहर तक टकराव में बदल गया। बैरिकेडिंग टूटने, पुलिस कार्रवाई, आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठीचार्ज के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। शाम तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें आती रहीं।

 

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध कैसे खत्म होगा। सरकार 98 प्रतिशत मांगें मानने का दावा कर रही है, जबकि छात्र CBI जांच और विवादित परीक्षाओं पर निर्णायक कार्रवाई के बिना आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं दिख रहे हैं।

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