श्रीनाथ विश्वविद्यालय में ‘श्रीनाथ शंखनाद 2026’ के साथ नए शैक्षणिक सत्र का भव्य आगाज़।

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जमशेदपुर: श्रीनाथ विश्वविद्यालय में गुरुवार को नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर ‘श्रीनाथ शंखनाद 2026’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन एक्सएलआरआई, सीएच एरिया में किया गया। कार्यक्रम में नव-नामांकित विद्यार्थियों ने अपने अभिभावकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। समारोह में शिक्षा, उद्योग और प्रशासनिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डिल्लो पारिख, चेयरमैन, सीआईआई झारखंड स्टेट काउंसिल एवं निदेशक, वैदेही मोटर्स सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सम्मानित अतिथि के रूप में रवि एस. राजहंस (डिप्टी जनरल मैनेजर, एचआर, रामकृष्ण फोर्जिंग्स), अनिमेष आनंद (सीनियर एसडीएम, ओरेकल इंडिया), धर्मेंद्र प्रधान (मेंबर, झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल) एवं दिनेश कुमार रंजन (डिप्टी रीजनल डायरेक्टर, जियाडा) उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि डिल्लो पारिख ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, अनुशासित रहने और कक्षा के बाहर भी सीखने की आदत विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है।

विश्वविद्यालय के चेयरमैन जीवराज सिंह संधू ने विद्यार्थियों से मोबाइल फोन का सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही उपयोग ही विद्यार्थियों को आगे बढ़ाएगा तथा जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाना भी उतना ही आवश्यक है।

कुलाधिपति सुखदेव महतो ने नव-नामांकित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के साथ उन्हें बहुआयामी प्रतिभा विकसित करनी होगी। उन्होंने अभिभावकों से भी विश्वविद्यालय का सहयोग करने का आग्रह करते हुए विश्वास जताया कि विद्यार्थी अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘श्रीवाणी’ का विमोचन किया गया। डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. जे. राजेश ने विद्यार्थियों को अनुशासन एवं परिश्रम की शपथ दिलाई। कुलपति डॉ. एस. एन. सिंह एवं कुलसचिव डॉ. याहिया मजूमदार ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया तथा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों से परिचित कराया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और नव-नामांकित छात्रों का पुष्प देकर स्वागत किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के संस्थापक शंभु महतो, संध्या महतो, शिक्षकगण, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

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