चाईबासा/ सरायकेला : कोल्हान, पोड़ाहाट और सारंडा क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को ऑपरेशन नवजीवन-III के तहत भाकपा माओवादी संगठन के चार सक्रिय सदस्यों ने पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के समक्ष हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। इनमें 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमेटी सदस्य सलुका कायम उर्फ भुवनेश्वर उर्फ डांगिल भी शामिल है।
आत्मसमर्पण करने वालों में एक लाख रुपये की इनामी दस्ता सदस्य कोदोमुनी कोड़ा उर्फ कोदम मुनी, पिंकी पूर्ति उर्फ सकाती पूर्ति और अनिता तामसोय उर्फ अनिता कायम उर्फ मुक्ता शामिल हैं। सलुका कायम, कोदोमुनी कोड़ा और पिंकी पूर्ति ने चाईबासा पुलिस के समक्ष, जबकि अनिता तामसोय ने सरायकेला-खरसावां पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।

सुरक्षा बलों ने इनके पास से एक AK-47, एक इंसास राइफल, वायरलेस सेट, पांच मैगजीन और 2,200 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस के अनुसार चारों के खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में कुल 129 मामले दर्ज हैं। अकेले सलुका कायम के खिलाफ 96 मामले दर्ज हैं।
कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्टोफा ने इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बचे नक्सलियों से सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी ने कहा कि नक्सल संगठन की गतिविधियां अब काफी सीमित रह गई हैं। उन्होंने बताया कि जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में अब करीब पांच से छह नक्सलियों के बचे होने की जानकारी है। एसपी ने बचे हुए नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वे आत्मसमर्पण कर पुनर्वास नीति का लाभ उठाते हैं तो उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। लेकिन यदि वे हिंसा का रास्ता जारी रखते हैं तो सुरक्षा बल उनके खिलाफ कार्रवाई करने को मजबूर होंगे।











