रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बीजेपी विधायकों के मुख्यमंत्री आवास के बाहर किए गए धरने को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि यह प्रदर्शन महज विरोध नहीं था, बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हत्या की कोशिश थी।
इरफान अंसारी ने कहा कि जिस समय बीजेपी विधायक मुख्यमंत्री आवास के पास धरने पर बैठे थे, उस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ आवास के अंदर मौजूद थे। मंत्री ने सवाल उठाया कि अगर प्रदर्शन के दौरान कोई व्यक्ति सुरक्षा घेरे या दीवार को पार कर अंदर पहुंच जाता तो स्थिति कितनी गंभीर हो सकती थी। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव हुआ था। इसके बाद बीजेपी ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में झारखंड बंद का आह्वान किया था।
इरफान अंसारी ने छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की मांगों को लेकर गंभीर है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। इसी दौरान उन्होंने अस्पताल पहुंचकर आंदोलन में घायल छात्रों और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली।
हालांकि, मुख्यमंत्री की हत्या की कोशिश का आरोप फिलहाल मंत्री इरफान अंसारी का दावा है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस आरोप की स्वतंत्र पुलिस या जांच एजेंसी द्वारा पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए पूरे मामले को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के तौर पर देखा जा रहा है।
घटना ने झारखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में बीजेपी तथा सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच इस मुद्दे पर टकराव और बढ़ने की संभावना है।











